रबी मौसम में गेहूँ एक प्रमुख फसल है, खासकर मैदानी भागो में इसकी खेती किसानों के आमदनी का एक अहम ज़रिया है. इसलिए इसकी खेती में आधुनिक तौर तरीके को अपनाना ज़रूरी है.अभी गेहूँ की बीजाई हो रही है और कुछ पिच्छेती किस्म की बीजाई बाकी है.किसान भाइयों को ये बता दें की फसल चाहे कोई भी हो बीज उपचार बहुत ज़रूरी है.अगर आप बीजाई के पहले उपचार कर लेते हैं तो उपज में २५ प्रतिशत की बढ़ोतरी तय है.सबसे पहले आप बीज की गुणवत्ता को ध्यान में रखकर ही बाजार से बीज खरीदें . अगर आप अपना बीज लेते हैं तो सबसे पहले उसकी ग्रेडिंग कर लें.ग्रेडिंग के बाद उपचार करने के लिए एग्रोसिन जी एन या बाजार में उपलब्ध दवाई को बीज को उपचारित करें.उपचारित करने के लिए पैकेट में लिखे मात्रा को गेहूँ के बीज में मिलाएँ, दवाई मिलाते समय गेहूँ को पानी से हल्का भींगा लें ताकि दवाई अच्छी तरह से मिल जाय.इसके बाद छाया में बीज को सूखा लें.अब खेत की तैयारी कर बीज की बआई करें .गेहूँ बूआई के पहले उपचार उसी तरह ज़रूरी है जैसे पेट में पल रहे बच्चे के लिए टीका .इसलिए आप आज ही ये तय कर लें की बूआई उपचार के बाद ही करेंगे .अगले अंक में सिंचाई के महत्व के बारे बताएँगे की इसपर ध्यान देना कितना ज़रूरी है
रविवार, 2 नवंबर 2008
रविवार, 17 अगस्त 2008
कृषि प्रधान देश
भारत कृषि प्रधान देश है लेकिन किसानों की दुर्दशा को देखकर ये कहना गतल नहीं होगा की भारत कूर्सी प्रधान देश बन गया है । देश की जनसंख्या का लगभग ८० फीसदी लोग गांवों में रहते है । जनसंख्या जिस रफ्तार से बढ़ी है वैसे में उसका पेट भरने के लिए अनाज के उत्पादन में सुधार तो हुआ है लेकिन दूसरी तरफ विडंबना ये भी है कि किसानों को खेती से लाभ तो दूर पूंजी वापस होना मुश्किल हो रहा है । नेता जो उनकी रहनुमायी करने का दावा कर संसद में जाता है, किसानों को ही भूल गए हैं । ऐसा क्यों है , शायद देश के नीति निर्धारण करने वाले नेताओं को लगता है कि देश की तरक्की खेतीबारी से संभव नहीं है । बजट में कृषि के लिए बड़ी बड़ी योजनायें बनाई जाती हैं, लेकिन वो सब के सब फिसड्डी साबित होती हैं। अफसोस की बात है कि भारत में अबतक ऐसा कोई नेता नहीं हुआ जो किसानों के हितों को ईमानदारी से संसद के पटल पर रखा हो या फिर घोषित योजनाओं की विफलता पर चिन्ता जाहिर करता हो। किसानों के नाम पर बड़े बड़े नेता पैदा हुए सब के सब किसानों को ठगने का ही काम किया है। इसलिए किसान जागरूक होकर एक समूह में खेती शुरू करें तो कई मुश्किलें बिल्कुल आसान हो जाएगी। इसलिए मेरा मानना है की खेती को उन्नत बनाकर रोजगार पैदा करने की खास जरुरत है । अगर आप आधुनिक खेती और इससे संबंधित रोज़गार के बारे में कोई जानकारी चाहते हैं तो हमें बताएं मैं आपकी हर सम्भव मदद करूँगा
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